Andhra Pradesh BIEAP AP Inter 2nd Year Hindi Study Material Pdf उपवाचक Chapter 2 रेशमी टाई Questions and Answers Summary.
Inter 2nd Year Hindi रेशमी टाई Questions and Answers
मूल्यांकन हेतु
अ. ‘रेशमी टाई’ एकांकी का सारांश लिखिए ।
जवाब.
हास्य – व्यंग्यकार और एकांकी साम्राट डॉ. रामकुमार वर्मा का एकांकी ” रेशमी टाई” एक सामाजिक-व्यंग्यात्मक रचना है । यह 1938 के खादी सप्ताह की पृष्टभूमि में रचित है । इसमें तत् समय के शिक्षित मध्यवर्ग के दोहरे चतित्र आधुनिकता और परंपरा को उजागर किया जाता है |
इसकहानी के मुख्य पात्र नवीनचंद्रराय, उसकी पत्नी लीला और खादी बेचनेवाली आर्त्मानर्भर स्वयं सेविका सुधालता हैं। नवीनचंद्र राय इरयोरेंस कंपनी का एजेंट और समाजवाद साम्यवाद का समर्थक है । लेकिन में विचार और कर्मों में विरोध्यभास है। नवीनचंद्र दो टाई लेकर दुकानदार को एक के पैसे देता है । एक गरीब स्वयं सेविका से खादी का थान भी चुपके से हटा लेता है। बुक सेलर की किताबों को भी उड़ाले जाता है |
नवीनचंद्र की पत्नी लीला बहुत समझदार है । वह अपने पति को गलत काम करने से रोकती है । पति से चोरी किए गए थान के पैसे ईमानदार से वापस करती है । पत्नी की ईमानदारी और स्वयं सेविका के आत्मनिर्भर और संघर्षशील व्यवहार से नवीनचंद्र का हृदय परिवर्तन हो जाता है । वह नौकरचंदन द्वारा रेशमी टाई को भी दुकानदार को वापस भेजता है । वह अपने गलत प्रवृत्तियों को त्यागकर, सत्प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर होता है ।
इस प्रकार, ‘रेशमी टाई’ यहाँ एक प्रतीक है जो उच्च शिक्षित लोगों में पनपी अनैतिकता और फिर आत्म-सुधार को दर्शाती है, इस एकांकी में ।
आ. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त रूप में लिखिए ।
प्रश्न 1.
रेशमी टाई के बारे में नवीनचंद्र राय ने लीला से क्या कहा ?
जवाब.
नवीनचंद्र राय ने रेशमी टाई पहनकर लीला से कहा कि यह टाई बिलकुल मुफ़्त में मिली । उसने आगे कहा कि मैं कल भदनलाल खन्ना के यहाँ गया। मैं ने बहुत-सी ‘बेराहटीज’ देखीं। दो टाईज़ पसंद कीं। ली एक ही । लेकिन उसने दोनों टाइज बंडल में बाँध हीं और दाम एक ही के लिए लिया । मैं उसके सामने लाया हूँ । उसने अपने हाथ से बंडल बनाया ।
यदि कदनलाल टाई के लिए किसी को बेज़े तो मैं कहदूँगा कि मैं क्या जानूँ । अपनी दूकान में देखो कहीं किसी कपड़े में लिपटी पड़ी होगी ।
प्रश्न 2.
सुधालता कौन है ?
जवाब.
सुधालता स्वयं सेविका है। वह निर्धन नारी है । खद्दर की वेश-भूषा में रहती है । खद्दर घर-घर जाकर बेचनेवाली है । उसमें वाक्चतुरत है । जब नवीनचंद्र खद्दर का उपहास करता है, तो, उसका सीधा जवाब देती है कि यह तो स्वयं की शिक्षा का एक साधनमात्र है । फिरभी वह गट्ठर खोलकर एक-एक थान उसे दिखाती है । सुधालता की अनुपस्थिति में नवीनचंद्र एक थान की चोरी करता है । सुधालता उस थान की कमी की पहचान लेती है । उसके बराबर के पैसे नवीनचंद्र की पत्नी से पाती है।
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रेशमी टाई Summary in Hindi
कवि परिचय
डॉ. रामकुमार वर्मा हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार, निंबधकार, हिंदी साहित्य – इतिहासकार और कवि थे । उनका जन्म 1905 ई. में हुआ और देहांत 1990 ई. में हुआ । वे हास्य – व्यंग्यकार और एकांकी सम्राठ के रूप में प्रसिद्ध है | हिंदी एकांकी का जनक हैं ।
डॉ. वर्मा की भाषा सरल, सूबोध, प्रवाहमय और रंगमच के अनुकूल है । संवाद उनके नाटकों की आत्मा है । पात्र मनोवैज्ञानिकता के साथ जीवंत बन जाते हैं । साहित्य में नैतिकता, आदर्शवाद, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व की स्पष्ट झलक मिलती है ।
दीपदान, चित्ररेखा, कौमुदी महोत्सव, पृथ्वीराज की आँखें आदि उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं । वे “पद्मभूषण’ से सम्मानित हैं। उनका साहित्य आज भी छात्रों और पाठकों के लिए प्रारणास्त्रोत है ।
पाठ का सारांश
हास्य – व्यंग्यकार और एकांकी सम्राट डॉ. रामकुमार वर्मा का एकांकी ” रेशमी टाई” एक सामाजिक-व्यंग्यात्मक रचना है। यह 1933 के खादी – सप्ताह की पृष्टभूमि में रचित है। इसमें तत् समय के शिक्षित मध्यवर्ग के दोहरे चरित्र आधुनिकता और परंपरा को उजागर किया जाता है।
इस कहानी के मुख्य पात्र नवीन चंद्रराय, उसकी पत्नी लीला और खादी बेचनेवाली आत्मनिर्भर स्वयं सेविका सुधालता हैं। नवीनचंद्रराय इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट और समाजवाद साम्यवाद का समर्थक है । लेकिन मे विचार और कर्मों में विरोध्यभास है। नवीनचंद्र दो टाई लेकर दुकानदार को एक के पैसे देता है। एक गरीब स्वयंसेविका से खादी का थान भी चुपके से हटा लेता है। बुक सेलर की किताबों को भी उड़ालेजाता है । नवीनचंद्र की पत्नी लीला बहुत समझदार है । वह अपने पति को गलत काम करने से रोकती है। पति से चोरी किए गए थान के पैसे ईमानदार से वापस करती है । पत्नी की ईमानदारी और स्वयंसेविका के आत्मनिर्भर और संघर्षशील व्यवहार से नवीनचंद्र का हृदय परिवर्तन हो जाता है। वह नौकर चंदन द्वारा रेशमी टाई को भी दुकानदार को वापस भेजता है । वह अपने गलत प्रवृत्तियों को त्यागकर, सत्पवृत्तियों की ओर अग्रसर होता है ।
इस प्रकार, ‘रेशमी टाई’ यहाँ एक प्रतीक है जो उच्च शिक्षित लोगों में पनपी अनैतिकता और फिर आत्म-सुधार को दर्शाती है, इस एकांकी में ।
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रेशमी टाई Summary in English
Humorist and one act playwright Dr. Ramkumar Varma’s one-act- play.” Reshami tie” is a social comedy. It is written on the occassion of ‘Khadi Week’ in 1938. exposes the dual nature of the educated middle
class of the time.
The central characters of this story are Naveen Chandra Ray, his wife Leela and Sudhalatha, a self-reliant volunteer who sells Khadi Naveen Chandra Ray is an insurance company agent and a supporter of socialism and communism. However, in practice, there in a contradic- tion between his thought and actions, He takes two ties and pays money for one tie only to the shop-keeper. He also steals a bundle of cloth from the poor khadi-volunteer. He even steals books from a book-seller.
Naveen Chandra’s wife, Leela is a very wise. She prevents her husband from wrong – acts. She stops him from committing wrong acts. She faithfully returns the money for the stolen khadi cloth bundle by her husband. NaveenChandra moves by his wife’s honesty and the Khadi- volunteer’s self-retains the behaviour of prone to struggle. These quali- ties transform his heart. He returns the silk Tie to the shopkeeper through his servant Chandan. He abandons his evil tendencies and moves to- wards good tendencies.
Thus, the ‘Reshmi Tie’ is a symbol here, that represents the immo- rality that grows among the highly educated people and then their zeal for self-improvement, in this one-act-play.
रेशमी टाई Summary in Telugu
హాస్యవ్యంగ్యరచయిత మరియు ఏకాంకీ సామ్రాట్ రామ్కుమార్ వర్మ “రేశ్మీటాయ్” ఓ సామాజిక, వ్యంగ్యాత్మక ఏకాంకి. ఇది 1938లో ఖాదీ సప్తాహం వేళ వ్రాయబడింది. ఇది ఆనాటి మధ్యవర్గ విద్యావంతుల ద్వంద్వ విధానం – ఆధునికత మరియు పరంపరకు అద్దం పడ్తుంది.
ఈ కథలో నవీన్ చంద్రరాయ్, అతని భార్య లీల మరియు ఖాదీవస్త్రాలు అమ్మే ఆత్మనిర్భర్ స్వయం, సేవిక సుధాలత ముఖ్యపాత్రలు. నవీన్ చంద్రరాయ్ ఇన్సూరెన్స్ కంపెనీ ఏజెంట్ మరియు సమాజవాదం – సామ్యవాదం సమర్థకుడు. కాని తన ఆలోచనలు, చేష్ఠలు ఒకదానికొకటి విరోధంగా ఉంటాయి. నవీన్ చంద్ర రెండు టైలు కొని ఒకదానికే పైసలు చెల్లిస్తాడు. ఓ బీద స్వయంసేవిక్ నుండి ఖాదీ వస్త్రాలను తస్కరిస్తాడు. పుస్తకాల విక్రేత నుండి పుస్తకాలు తస్కరిస్తూ ఉంటాడు.
నవీన్ చంద్ర భార్య లీల చాలా తెలివైనది. ఆమె తన భర్తను తప్పుడు పనులను చేయకుండా ఆపుతుంది. భర్త దొంగిలించిన ఖాదీ వస్త్రాల తాలుకు సరిపడిన పైకం నిజాయితీగా తిరిగి చెల్లిస్తుంది. భార్య నిజాయితీ విశ్వాసాలు, స్వయం సేవిక ఆత్మనిర్భరత – సంఘర్షణ వ్యవహారంతో నవీన్ చంద్ర హృదయపరివర్తన చెందుతుంది. తన నౌకరందన్ ద్వారా సిల్క్ దుకాణదారునకు తిరిగి పంపిం చేస్తాడు. తన తప్పుడు ప్రవృత్తులను వదిలేసి సత్ప్రవృత్తులను ఆచరిస్తాడు.
ఈ విధంగా, ‘రేశ్మీటాయ్ ఉన్నత విద్యావంతులలో దాగిన అనైతికత, ఆపై ఆత్మసంస్కారాలకు దర్పణంగా నిలిచే ప్రతీకాత్మక ఏకాంకి ఇది.
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रेशमी टाई कठिन शब्दार्थ
फूलदान = गुलदस्ता रकने का पात्र, పుష్పగుచ్ఛం ఉంచే పాత్ర
गुलदस्ता = फूलों का गुच्छा, పూలగుత్తి
मरामली फर्श = मुलायम जमीन, సున్నగానున్న నేల
दराज = दरार, సందు
रेशमी – टाई = रेशम की टाई, रेशम का कंहबंध, పట్టు టై
कुहरा = ओस, మందు
हाथ की सफाई = हस्तलाघव, हस्त कौशल, హస్తలాఘవం, చేతివాటం.
रोजगार = व्यापार, వ్యాపారి
कमीना = नीच, क्षुद्, నీచుడు
पूँजीपति = धन और पूँजी का मालिक – वर्ग, పెట్టుబడిదారుడు, ధనవంతుడు
हुजूर = सम्मान्य जन का संबोधन, సంబోధన
हुकुम = आज्ञा, ఆజ్ఞ, ఆదేశం
छोर = किनारा, అంచు
गट्ठर = कपड़े में बंधा हुआ सामान, మూట
झुलाना = इधर- उधर हिलाना, అటూ ఇటూ ఊపటం
चरखा = सूत, रेशम आदि कातने का यंत्र, నూలు వడికే రాట్నం
जोशीला = ओजपूर्ण, जोशी में भराहुआ, ఉత్సాహంగా
खुरदरा = दानेदार, గరుకుగానున్న
गौर से देखना = ध्यान से देखना, తీక్షంగా చూడడం
प्रस्थान = गमन, जाना, వెడలుట, గమనం
अंगूठी = उंगली में पहनने वाला आभूषण, ఉంగరం
गरज़ = स्वार्थजन्य इच्छा, స్వార్ధపూరిత కాంక్ష
रूखे स्वर में = कठोर आवाज में, కఠోరస్వరంతో
मुमकिन = संभाव्य, జరగబోయే
भुनाकरना = नोट आदि का सिक्कों बदलना, చిల్లరగా మార్చి
घूरना = क्रोधपूर्वक देखना, కోపంగా చూడటం
सकपकाना = शरमाना, संकोच करना, సిగ్గుతో, సంకోచంతో
बर्ताव = व्यवहार, వ్యవహారం
छुटपन = बचपन, బాల్యం
कालिमाव = कलंक, लांछन, కళంకం