Andhra Pradesh BIEAP AP Inter 2nd Year Hindi Study Material Pdf गद्यभाग 1st Chapter भेडें और भेड़िये Questions and Answers Summary.
Inter 2nd Year Hindi भेडें और भेड़िये Questions and Answers
मूल्यांकन हेतु
अ. “भेडें और भेड़िये” कहानी का सारांश लिखिए ।
जवाब.
हरिशंकर परसाई हिन्दी में व्यंग्य साहित्य के जनक हैं । उनकी सुप्रसिद्ध रचना ‘भेडें और भेड़िये’ प्रतीकात्मक रूपात्मक एवं व्यंग्यात्मक कहानी है ।
एकजंगल में भोली भाली भेडों की संख्या ज्यादा है । वन विभाग चुनाव कराने और भेडों को अपना नेता चुनने का मौका देने को सोचता हैं । भेडें भोले-भाले जनता के प्रतीक हैं । जबकि भेड़िये कूर – कपठी नेता के प्रतीक हैं ।
भेडों को डर है कि भेड़िये उन्हें खा जाएँगे । चापलूस सलाहकार प्रतीक एक बूढ़े सियार कपट योजना बनाता है । वह भेड़िये को कपट शाकाहारी संत बना देता है और तीन सियारों वेश बदलकर विद्वान, पत्रकार और धर्मगुरु बना देता है। पंचायती चुनाव में भेडियों का बहुमत होता है । वे ऐसा कानून बनाता है कि भेडों की भलाई के वास्ते भेड़िये को नाश्ते, दोपहर और शाम के खाने में भेडें दी जाए । भोली- भाली भेड़े कर भेड़िये के शिकार होते हैं ।
इस प्रकार, प्रसिद्ध व्यंग्य कहानीकार हरिशंकर परसाई इंस कहानी में जंगली जानवरों के माध्यम से मानव समाज की कपट राजनीति को प्रतिबिंबित करते हैं ।
आ. नीचे दिए गए गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए ।
प्रश्न 1.
” भाइयों और बहनों, मैं भेड़िया संत से अपने मुखारविंद से आपको प्रेम और दया का सन्देश देने की प्रार्थना करता पर प्रेमवश उनका हृदय भर आया है, वह गदगद हो गए हैं”
जवाब.
सामान्य संदर्भ :- यह गद्यांश हिन्दी में व्यंग्य साहित्य के जनक हरिशंकर परसाई की सुप्रसिद्ध कहानी, “भेडें और भेड़िये’ से दिया गया है ।
निकटस्थ संदर्भ :- बूढ़े सियार की सूचनानुसार पांचायत के चुनाव- प्रचार में भेड़िया कपट विनय की मूर्ति बन बैठा । प्रस्तुत प्रसंग इसी संदर्भ धीन है ।
व्याख्या :- चुनाव प्रचार में बूढ़ा सियार अपने भाषण को आगे बढता है । वह कहता है कि हे प्यारे भाई- बहनों ! मैं भेड़िये संत जी से उनके मुखकमल से आप सब को प्रेम और करुणा संदेश देने की सविनय निवेदन करता रहा। लेकिन आप लोगों के प्रति अधिक प्रेम के कारण उनका दिल करुणा से द्रवित हो गया । वे आनंद विभोर हो गए । इसमें उनका गला बैठ गया। वे बोल नहीं पाते ।
विशेषताएँ :- आजकल के हर प्रांत के चुनाव के दृश्यों का दर्पण है, यह प्रसंग | यह प्रतीकात्मक है । इस में भेड़िया कपट नेता है । बूढ़ा सियार लोगों को गलत राह दिखाने वाला राजनैतिक प्रचारकती है । इसमें हिन्दी संस्कृत शब्दों की भाषा का प्रयोग किया है । भाषा मुहावरेदार है | इसमें मानवीकरण अलंकार है । यह भाषाणांश रोचक है ।
प्रश्न 2.
“और पंचायत में भेड़ियों ने भेड़ों की भलाई के लिए पहला क़ानून यह बनाया – हर भेड़िये को सवेरे नाश्ते के लिए भेड़ का एक मुलायम बच्चा दिया जाए ।”
जवाब.
सामान्य संदर्भ :- यह गद्यांश हिन्दी में व्यंग्य साहित्य के जनक हरिशंकर परसाई की सुप्रसिद्ध कहानी, “भेडें और भेड़िये’ से दिया गया है ।
निकटस्थ संदर्भ :- पंचायत के चुनाव में भेड़ों ने अपने हित – रक्षा के लिए भेड़िये को चुना प्रस्तुत गद्यांश उस संदर्भ का है ।
व्यख्या :- भेड़ों की भलाई और सुरक्षा के लिए निर्वाचित भेड़िये प्रतिनिधि बनकर पंचायत में गए। वहाँ भेड़ों के कल्याण के लिए पहले पहल का कानून बनाया गया है। उस कानून के अनुसार हर भेड़िये को सबेरे नाश्ता में भेड़ का एक सुकोमल बच्चे को भेज दिया जाए |
विशेषताएँ :- यह गद्यांश वर्तमान् शासनालयों में होनेवाले निर्णयाँ का दर्पण है | निर्वाचित शासक अपनी भलाई के लिए ही कानून बनाते हैं और अमल में ला रहे हैं । यह प्रतीकात्मक अंश है । भाषा सरल सुबोध नेताओं के कहने और करनी में भूम्याकाश का अंतर है । भाषा सरल और सुबोध है ।
इससे, भेड़िये नेता गण का और मुलाय बच्चे निर्धन और निस्सहाय युवजन हैं। इसमें मानवीकरण अलंकार है ।
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इ). निम्नलिखित ” प्रश्नों के संक्षिप्त रूप में उत्तर दीजिए ।
प्रश्न 1.
बूढे सियार ने भेड़िये को किस रूप में बदल दिया ?
जवाब.
भेड़िये के मस्तक पर तिलक लगाया । गले में कंठी पहनाई । मुँह में घास के तिनके घुसेड दिए । उसकी दृष्टि जमीन की ओर कराया | उसे मौन रखा । किसी को तोड़ कर खाने को बंद करवाया |
प्रश्न 2.
पीला, नीला और हरा रंग के सियार किनके प्रतीक है ?
जवाब.
पीला वाला सियार बड़ा विद्वान है, विचारक है, कवि और लेखक भी है ।
नीला वाला सियार नेता है और स्वर्ग के पत्रकार हैं ।
हरा वाला सियार धर्मगुरु है ।
ये तीनों स्वर्ग के देवता हैं ।
ई) सही शब्द चुनकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
प्रश्न 1.
“भेडें और भेड़िये” (कहानी) के लेखक कौन हैं ?
अ. हरिशंकर परसाई
आ. महादेवी वर्मा
इ. प्रेमचंद
जवाब.
अ. हरिशंकर परसाई
प्रश्न 2.
वन प्रदेश में किसकी संख्या अधिक है ?
अ. शेर
आ. भेड़
इ. मोर
जवाब.
आ. भेड़
प्रश्न 3.
नीला सियार किसका प्रतीक है ?
अ. पत्रकार
आ. नेता
इ. धर्मगुरू
जवाब.
अ. पत्रकार
प्रश्न 4.
वन प्रदेश में किसकी स्थापना की जा रही थी ?
अ. प्रजातंत्र
आ. धर्म
इ. कुछ नहीं
जवाब.
अ. प्रजातंत्र
प्रश्न 5.
भेड़ियों के सलाहकार कौन थे ?
अ. शेर
आ. सियार
इ. छ
जवाब.
आ. सियार
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भेडें और भेड़िये Summary in Hindi
कवि परिचय
हिंदी व्यंग्य साहित्य के जनक हरिशंकर परसाई का जन्म 22 अगस्त 1924 ई. को मध्य प्रदेश के जमनी गाँव में हुआ था । उन्होंने समाज, राजनीति, धर्म, शिक्षा और नैतिकताक्षेत्र में व्याप्त ढोंग, पाखंड और भ्रष्टाचार, पर तीखा प्रहार किया । उनके व्यंग्य में सामाजिक दृष्टि और मानवीय संवेदना प्रतिफलितं है । उनका हास्य पाठकों को सोचने पर विवशकर देता है |
हरिशंकर परसाई को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया । भूत के पाँव पीछे, तबली बजाओ, सादर का तावीज, वैष्णव की फिसलन, हम एक उम्र से अंधे हैं, लड़ाई, कथा साहित्य के नए मानदंड आदि उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं ।
उनका निधन 10 अगस्त 1995 को हुआ था ।
पाठ का सारांश
हरिशंकर परसाई हिन्दी में व्यंग्य साहित्य के जनक हैं । उनकी सुप्रसिद्ध रचना ‘भेडें और भेड़िये’ प्रतीकात्मक रूपात्मक एवं व्यंग्यात्मक कहानी है ।
एक जंगल में भोली भाली भेडों की संख्या ज्यादा है । वन विभाग चुनाव कराने और भेडों को अपना नेता चुनने का मौका देने को सोचता है । भेडें भोले-भाले जनता के प्रतीक हैं । जब कि भेड़िये क्रूर-कपटी नेता के प्रतीक हैं ।
भेड़ों को डर है कि भेड़िये उन्हें खा जाएँगे । । चापलूस सलाहकार प्रतीक एक बूढ़े सियार कपट योजना बनाता है । वह भेड़िये को शाकाहारी संत बना देता है और तीन सियारों वेश बदलकर विद्वान, पत्रकार और धर्मगुरु बना देता है। पंचायती चुनाव में भेडियों का बहुमत होता है। वे ऐसा कानून बनाता है कि भेडों की भलाई के वास्ते भेड़िये को नाश्ते, दोपहर और शाम के खाने में भेडें दी जाए । भोली-भाली भेडे कूर भेड़िये के शिकार होते हैं.
इस प्रकार, प्रसिद्ध व्यंग्य कहानीकार हरिशंकर परसाई इस कहानी में जंगली जानवरों के माध्यम से मानव समाज की कपट राजनीति – स्तिति को प्रतिबिंबित करते हैं ।
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भेडें और भेड़िये Summary in English
Harishankar Parsai is considered the father of satirical literature in Hindi. His famous ‘Bheden and Bhediye’ is a satirical story with sym- bolic allegory.
In a forest the number of sheep is high. The forest Dept., decided hold elections and give the sheep a chance to choose their leader. The sheep are symbols of people, while the wolves, who are cunning, symbolize the cruel and sycophantic leaders.
The sheep fear that the wolves will eat them. The sycophantic adviser the old wolf creates a scheme to settle the problems of the wolves and sheep. He changes the wolves into vegetarians and saints and three Jackals into scholar, a journalist, and religions ascetic. The wolves have a majority in the Panchayat elections. They make a law that for the wolf are of the sheep, the sheep should be given some sheep for wolves as their breakfast lunch and dinner. The innocent sheep fall prey to the cruel and ruthless wolves.
Thus, the famous satirical story writen Harishankar parsai reflects the decitful political situation of human society throuph wild animals in this story.
भेडें और भेड़िये Summary in Telugu
హరిశంకర్ పర్సాయి హిందీలో వ్యంగ్యసాహిత్య పితామహుడు. ఆయన సుప్రసిద్ధ రచన ‘భేడేఁ ఔర్ భేడియే’ ప్రతీకాత్మక, రూపాత్మక, వ్యంగ్యాత్మక కథ.
ఓ అడవిలో అమాయకపు గొట్టెలు ఎక్కువగా ఉంటాయి. వనవిభాగం వారు ఎన్నికలు నిర్వహించాలని, అందులో గొట్టెలకు తమ నాయకుడిని ఎన్నుకునే అవకాశం కల్పించాలని నిర్ణయిస్తారు. గొట్టెలు అమాయకపు జనానికి ప్రతీకయితే తోడేళ్ళు. క్రూర-కపట నాయకులకు ప్రతీక.
తోడేళ్ళు తమను తినేస్తాయని గొర్రెలకు భయం. ముఖస్తుతి సలహాకారునికి ప్రతీక అయిన వృద్ధనక్క ఓ కపట ప్రణాళిక రచిస్తుంది. తోడేళ్ళను శాఖాహారులైన సాధువులుగా మారువేషం కట్టిస్తుంది. మూడునక్కలకు రంగులు పూచి వాటిని విద్వాన్గా పాత్రికేయునిగా మరియు ధార్మిక గురువుగా ప్రకటిస్తుంది. పంచాయితీ ఎన్నికలలో తోడేళ్ళు ఎక్కువ ఓట్లతో గెలుస్తారు. అవి గొర్రెల సంక్షేమానికి అన్నట్లుగా తోడేళ్ళకు ప్రొద్దున, మధ్యాహ్నం, రాత్రి గొర్రెలను భోజనంగా సమర్పించాలని చట్టం చేస్తాయి. అమాయకపు గొర్రెలు క్రూర తోడేళ్ళకు బలిపశువులుగా అయిపోతాయి.
ఈ విధంగా ప్రసిద్ధ వ్యంగ్య కథారచయిత హరిశంకర్ పర్సాయి ఈ కథలో అడవి జంతువుల ఆధారంగా మానవ సమాజంలో పాతుకుపోయిన కపటరాజనీతి – రాజకీయ స్థితిని ప్రతిబింబిస్తారు.
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भेडें और भेड़िये कठिन शब्दार्थ
क्रांतिकारी = पुर्नपरिवर्तन करनेवाला , విప్లవ మార్పుచేసే
भेड = बकरी आकार का घने बालोंवाला पालतू जानवर, గొర్రె
निहायत नेक = बहुत अच्छा, ఎక్కువ మంది
फूँक = मुँह से तेजगति में निकली हवा, ఊదుట
स्नेह = दोस्ती, प्यार , చెలిమి, ప్రేమ
भेड़िया = कुल से बड़ा हिंसक जंगली पशु, తోడేలు
चुनाव = उम्मीदवारों में – से बहुमत आधार पर चुनना, ఎన్నికలు
दिलबैठजाना = बेहोश होना, మూర్ఛిల్లుట
सियार = एक चालक जंगली जानवर, నక్క
शिकार = गोश्त, గొడ్డుమాంసం
कुतरकरना = दाँतों से काटना, కొఱికి తినడం
चूसना = मृह से रस अंदर खीचना, గట్టిగా పీల్చటం
दुम = पूँछ, తోక
गिरा मन = घायल मन, దెబ్బతిన్న మనసు
चारा = घास – फूस, గడ్డిగాదం
रीछ = भालू, ఎలుగుబంటి
अजायबघर = जंतुशाला, జంతు ప్రదర్శనశాల
बहुमत = अधिक संख्या में लोगों का समर्थन, ఎక్కువ జనాభిప్రాయం
खिन्न = दुःखी, उदास, चिंतित, దీనిడగు
चूमना = चुंबन करना, ముద్దాడటం
खोंसना = घुसेड़ देना, చొన్పుట, చొప్పించుట
पोल खुलना = भंडा फोडना, भीतरी दशा प्रकट होना, బండారం బయటపడటం
रँगे होना = रंगा हुआ, రంగేసిన
सहस्त्रों = हज़ारों, अत्यधिक, వేలకొలది, అత్యధికంగా
झुंड = दल, గుంపు
माथा = मस्तिष्क, भाल, నుదురు, లలాటం
अंत्येष्टि = मृतक कर्म, మృతుని ధార్మిక సంస్కారం
लार = थूक, लुआब, సొంగ, సొల్లు, లాలాజం
मुखारविंद = मुख-कमल, ముఖ కమలం
हृदय भर आना = दिल भर आना, करूण से द्रवित होना, కరుణతో ద్రవించటం
गद्गद् होना = आनंद विभोर होना, ఎక్కువ ఆనందం లేదా దుఃఖం చేత కంఠావరోధం చెందటం
भावातिरेक = भावातुर, భావుకత
लक्ष- लक्ष = लाख-लाख, లక్ష – లక్ష
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मूलायम = कोमल, नाजुक, కోమలం, నాజూకు, సుకుమారం
अंधानुकारण = बगैर सोच – समझे नकल करना, గుడ్డిగా అనుకరించటం
अंधविश्वास = विचार हीन विश्वास, మూఢనమ్మకం
प्रजातंत्र = लोकतंत्र, ప్రజాస్వామ్యం
सभ्य = सुसंस्कृत, शिष्ट व्यक्ति, శిష్టుడు, సంస్కృతి గల వ్యక్తి
छल = धोखा, कपट, మోసం, కపటం
पाखंड = झूठा दिखाना, कपटपूर्ण आचरण, భూటకం, కపటనటన
जागरूकता = सचेत या समझदार होने की स्थिति, జాగృతి