Andhra Pradesh BIEAP AP Inter 1st Year Hindi Study Material Intermediate 1st Year Hindi Grammar वचन Questions and Answers.
AP Intermediate 1st Year Hindi Grammar वचन
परिभाषा : शब्द के जिस रूप से संख्या का बोध हो उसे वचन कहते हैं । हिन्दी में वचन के दो प्रकार है ।
1) एक वचन
2) बहु वचन
1) एक वचन : जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की एक संख्या का बोध कराता हैं। उसे एक वचन कहते हैं ।
उदा : बच्चा, नदी, किताब, कुर्सी, तोता, लडका ।
(अ) कुछ शब्द सदा एक वचन में प्रयुक्त होते हैं ।
जैसे: चावल, गेहूँ, दूध, चप्पल, जूता आदि ।
(आ) द्रव्यवाचक संज्ञाओं का प्रयोग एकवचन में होता है ।
जैस: सोना, चाँदी, लोहा, पीतल आदि ।
2) बहु वचन जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की एक से अधिक संख्या का बोध कराता हैं। उसे बहुवचन कहते हैं ।
उदा : बच्चे, नदियाँ, किताबें, कपड़े, कुर्सियाँ, तोते, लड़के ।
(अ) हिन्दी में आदर सूचक शब्दों के लिए एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग होता है ।
उदा :
- मामाजी मद्रास से आ गये ।
- गुरू जी उपदेश दे रहे है ।
(आ) स्वाभिमान या अधिकार को प्रकट करने के लिए संज्ञा सर्वनाम आदि का बहुवचन में प्रयोग किया जाता है ।
उदा :
- हम कल हैदराबाद जाएँगे ।
- हम आज्ञा देते हैं तुम्हें करना ही पडेगा ।
(इ) कभी कभी जातिवाचक शब्द एकवचन में भी बहुवचन का बोध कराते हैं ।
उदा :
- यहाँ आम बहुत होता है ।
- कई लाख रूपया शादी में खर्च हो गया |
(ई) कुछ शब्द सदा बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं ।
उदा: आँसू, प्राण, दर्शन, भाग्य, ऑठ, अक्षर, हस्ताक्षर लोग, जन, होश, बाल आदि ।
एक वचन से बहुवचन बनाने के नियम |
1) विभक्ति रहित पुल्लिंग संज्ञा
(अ) विभक्ति रहित पुल्लिंग संज्ञा शब्दों के अंतिम ‘आ’ को ‘ए’ में बदलने से बहुवचन रूप बनता है ।
उदा :
एकवचन – बहुवचन
बच्चा – बच्चे
कपड़ा – कपड़े
हीरा – हीरे
प्याला – प्याले
कमरा – कमरे
पत्ता – पत्ते
घोड़ा – घोड़े
किनारा – किनारे
शहजादा – शहजादे
चरखा – चकखे
![]()
(आ) संस्कृत के आकारांत पुल्लिंग संज्ञा शब्द दोनों वचनों में एक ही रहते हैं ।
उदा:
एकवचन – बहुवचन
राजा – राजो
त्राता – त्राता
वक्ता – वक्ता
देवता – देवता
युवा – युवा
नेता – नेता
दाता – दाता
कर्ता – कर्ता
योद्धा – योद्धा
भाई – भाई
(इ) संबंधियों के लिए प्रयुक्त आकारांत पुल्लिंग शब्दों में अंत्य ‘आ’ को ‘ए’ कर देने से बहुवचन बनते हैं |
उदा :
एकवचन – बहुवचन
पोता – पोते
साला – साले
बेटा – बेटे
भतीजा – भतीजे
लेकिन अपवाद रूप में संबंधियों के लिए प्रयुक्त कुछ आकारांत पुल्लिंग शब्दों का रूप दोनों वचनों में एक सा ही रहता है ।
उदा:
एकवचन – बहुवचन
मामा – मामा
काका – काका
बाबा – बाबा
चाचा – चाचा
दादा – दादा
नाना – नाना
(ई) ऐसे संज्ञा शब्दों में वचन भेद करना आवश्यक हो तो इनके पहले संख्या बतायी जाती है या इन शब्दों के बाद मनुष्यों के लिए लोग, जन, गण, वर्ग, बूंद आदि शब्द जोड़े जाते हैं ।
उदा :
एकवचन – बहुवचन
साधु – साधुलोग
पाठक – पाठकजन
विद्यार्थी – विद्यार्थीगण
राजा – राजा लोग
शिक्षक – शिक्षकगण
मुनि – मुनिगण
गुरू – गुरूजन
बंधु – बंधुवर्ग
मनुष्य – मनुष्य जाति
भक्त – भक्त जन
धनिक – धनिक वर्ग
पशु – पशु बूंद
2) विभक्ति रहित स्त्रीलिंग संज्ञा
(क) अकारांत स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अंतिम ‘अ’ को ‘एँ’ बनाकर बहुवचन बनाया जाता है ।
जैसे:
एकवचन – बहुवचन
बात – बातें
बहन – बहनें
आँख – आँखें
झील – झीलें
चीज – चीजें
जड़ – जड़ें
कलम – कलमें
और – औरतें
रात – रातें
पुस्तक – पुस्तकें
गाय – गायें
(ख) आकारांत स्त्री लिंग संज्ञाओं के अंत में ‘एँ’ लगाकर बहुवचन बनाया जाता है।
जैसे:
एकवचन – बहुवचन
कथा – कथाएँ
लता – लताएँ
सूचना – सूचनाएँ
रेखा – रेखाएँ
घटना – घटनाएँ
माता – माताएँ
यात्रा – यात्राएँ
समस्या – समस्याएँ
योजन – योजनाएँ
(ग) इकारांत या ईकारांत स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अंत में ‘ई’ को ह्रस्व करके, अंत्य स्वर के साथ ‘याँ ‘ जोड देने से बहुवचन बन जाता है ।
जैसे:
एकवचन – बहुवचन
रीति – रीतियाँ
शक्ति – शक्तियाँ
नीति – नीतियाँ
लड़की – लड़कियाँ
नदी – नदियाँ
थाली – थालियाँ
तिथि – तिथियाँ
पंक्ति – पंक्तियाँ
राशि – राशियाँ
सखी – सखियाँ
टोपी – टोपियाँ
![]()
(घ) जिन स्त्रीलिंग संज्ञा शब्दों के अंत में ‘या’ आता है तो उनमें ‘या’ के ऊपर चंद्रबिंदु
लगाकर बहुवचन बनाया जाता है ।
जैसे:
एकवचन – बहुवचन
बुढिया – बुढियाँ
कुतिया – कुतियाँ
कुटिया – कुटियाँ
डिबिया – डिबियाँ
चिड़िया – चिड़ियाँ
बिटिया – बिटियाँ
खटिया – खटियाँ
गुड़िया – गुड़ियाँ
(ङ) अ, आ, इ, ई के अलावा अन्य ध्वनियों से अंत होनेवाले स्त्रीलिंग संज्ञा शब्दों के अंत में ‘एँ’ जोड़कर बहुवचन बनाया जाता है। इसके
जैसे:
एकवचन – बहुवचन
वस्तु – वस्तुएँ
धेनु – धेनुएँ
वधू – वधुएँ
ऋतु – ऋतुएँ
बहू – बहुएँ
झाडू – झाडुएँ
2) विभक्ति सहित संज्ञा
जिन संज्ञाओं के साथ ने, को, से आदि विभक्ति प्रत्ययों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विभक्ति सहित संज्ञायें कहते हैं । इन संज्ञाओं के बहुवचन इस प्रकार हैं।
(क) अकारांत, आकारांत संस्कृत शब्दों को छोड़कर और एकारांत संज्ञाओं में अंतिम अ, आ, या, ए के स्थान पर बहुवचन बनाते समय ‘ऑ’ कर दिया जाता है।
जैसे :
विभक्तिरहित संज्ञा – विभक्ति सहित संज्ञा
एकवचन – बहुवचन
घर – घर
बालक – बालक
लड़का – लड़का
गधा – गधे
घर में – घरों में
बालक ने – बालकों ने
लड़के ने – लड़कों ने
गधे पर – गधों पर
(ख) सभी उकारांत, ऊकारांत संज्ञाओं को बहुवचन बनाने के लिए अंत में ‘ओं’ जोड़ा जाता है । उकारांत को ‘औं’ जोड़ने से पहले ह्रस्व करना पड़ता है।
जैसे :
विभक्तिरहित संज्ञा – विभक्ति सहित संज्ञा
एकवचन – बहुवचन
साधु – साधु
वस्तु – वस्तएँ
बहू – बहुएँ
वधु – वधुएँ
चाकू – चाकुएँ
साधु को – साधुओं को
वस्तु से – बहूओं ने
बहू ने – वधूओं को
चाकू से – चाकुओं से
(ग) सभी इकारांत और ईकारांत संज्ञाओं का बहुवचन बनाने के लिए अंत में ‘यों’ जोड़ा जाता है । शब्द में ‘यों’ जोड़ने से पहले ईकार को ह्रस्व करना पड़ता है ।
जैसे :
विभक्तिरहित संज्ञा – विभक्ति सहित संज्ञा
एकवचन – बहुवचन
मुनि – मुनि
रीति – रीतियाँ
नदी – नदियाँ
भाई – भाई
धोबी – धोबी
मुनि ने – मुनियों ने
रीति को – रीतियों को
नदी में – नदियों में
भाई ने – भाइयों ने
धोबी को – धोबियों को
उपर्युक्त विवेचन से यह मालूम पड़ता है कि विभक्ति सहित आकारांत संज्ञा को छोड़कर अन्य अक्षरों से अंत होनेवाले संज्ञा शब्द एकवचन में तो बदलते नहीं, पर बहुवचन में बदल जाते हैं ।
सर्वनाम में वचन भेद
* हिन्दी में कुल मिला कर 11 सर्वनाम हैं मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन और क्या । सर्वनाम शब्दों के वचन भेद इस प्रकार हैं
एकवचन – बहुवचन
मैं – हम
मुझे – हमें
मेरा – हमारा
तू – तुम
तुझे – तुम्हें
तेरा – तुम्हारा
यह – ये
इसे – इन्हें
इसका – इनका
वह – वे
उसे – उन्हें
उसका – उनका
जिसे – जिन्हें
जिसका – जिनका
किसी को – किन्हीं को
किसी का – किन्हीं का
किसे – किन्हें
किसका – किनका
आप, क्या और कुछ के रूप में कोई परिवर्तन नहीं है ।
विशेषण में वचन भेद
* विशेषण का वचन उसके विशेष्य के अनुरूप होता है। संज्ञा या सर्वनाम के लिंग, वचन और कारक के अनुसार आकारांत विशेषणों में परिवर्तन आता है ।
जैसे :
बड़ा आदमी – बड़े आदमी
छोटा घर – छोटे घर
बड़े आदमी ने – बड़े आदमियों ने
छोटे घर में – छोटे घरों में
* बाकी विशेषण शब्द रूपों में परिवर्तन नहीं आता ।
जैसे:
सफेद घोडा – सफेद घोड़े
संत आदमी – संत आदमी
अच्छी लड़की – अच्छी लड़कियाँ
सफेद घोड़े पर – सफेद घोड़ों पर
संत आदमी ने – संत आदमियों ने
अच्छी लड़की ने – अच्छी लड़कियों ने
* विशेषण रूपों में प्रयोग किये जानेवाले सर्वनाम अर्थात् सार्वनामिक विशेषण सर्वनामों के अनुसार ही बदलते हैं ।
जैसे:
यह किताब – ये किताबें
वह लड़का – वे लड़के
इस किताब में – इन किताबों में
उस लड़के ने – उन लड़कों ने
क्रिया में वचन भेद
संज्ञा के वचन के अनुसार क्रिया के वचन का परिवर्तन होता है क्रिया के इस रूप, परिवर्तन को समझने के लिए क्रिया के वचन संबंधी कुछ नियम नीचे दिये जा रहे हैं –
1) कर्ता के साथ उसका विभक्ति चिह्न ‘ने प्रयोग’ नहीं किया गया हो, तो क्रिया का वचन कर्ता के अनुसार होता है ।
जैसे :
लड़का स्कूल जाता है । – लड़के स्कूल जाते हैं ।
औरतें काम करती हैं । – औरत काम करती है ।
2) कर्ता के साथ विभक्ति चिह्न ‘ने’ दिया गया हो, तो क्रिया का वचन कर्म के अनुसार होता है ।
जैसे :
राम ने किताब पढ़ी |
सीता ने गीत गाया ।
3) कर्ता और कर्म दोनों के साथ विभक्ति चिह्न हो तो क्रिया एकवचन तथा पुल्लिंग में होती है ।
जैसे :
राम ने ताडका को मारा ।
लड़कों ने मिठाइयों को खाया |
4) आदरसूचक संज्ञा और बहुवचन सर्वनाम के साथ बहुवचन क्रिया का ही प्रयोग होता है ।
जैसे :
गुरु जी गीता के बारे में बोलेंगे ।
आप अपने घर जाइये ।
5) एक से अधिक कर्ता का प्रयोग वाक्य में होता है, तो क्रिया बहुवचन में होती है ।
जैसे:
प्रवीण और नवीन पढ़ रहे हैं ।
प्रिया और जया सो रही हैं ।
![]()
अध्ययन हेतु
रेखांकित शब्दों का वचन बदलकर पूरा वाक्य फिर से लिखिए ।
- वह पढ़ रहा है । – वे पाठ पढ रहे हैं ।
- पुस्तक मेज पर है। – पुस्तकें मेज पर हैं।
- घोड़ा तेज दौडता है। – घोड़े तेज दौडते है ।
- लड़का गेंद खेलता है । – लड़के गेंद खेलते हैं ।
- सरकार योजनाएँ बनाती है । – सरकारें योजनाएँ बनाती हैं।
- हम सिनेमा देखने जाएँगे । – मैं सिनेमा देखने जाऊँगा ।
- धोबी कपडे धोते हैं । – धोबी कपड़ा धोता है ।
- वह टोपियाँ बेचता है | – वह टोपी बेचता है ।
- कौए पेड़ पर रहते हैं । – कौआ पेड पर रहता है ।
- अध्यापक पाठ पढ़ाता है । – अध्यापक गण पाठ पढ़ाता है ।
मूल्यांकन हेतु
एकवचन – बहुवचन
1) मैं – हम
2) उसका – उनका
3) एक – अनेक
4) वह – वे
5) यह – ये
6) घोड़ा – घोड़े
7) कपड़ा – कपड़े
8) पुस्तक – पुस्तकें
9) आँख – आँखे
10) औरत – औरतें
11) रेखा – रेखाएँ
12) कविता – कविताएँ
13) योजना – योजनाएँ
14) भाषा – भाषाएँ
15) वस्तु – वस्तुएँ
16) लता – लताएँ
17) ऋतु – ऋतुएँ
18) धेनु – धेनुएँ
19) बहू – बहुएँ
20) वधू – वधुएँ
21) झाडू – झाडू
22) चाकू – चाकू
23) घर – घर
24) मामा – मामा
25) मनुष्य – मनुष्य
26) देव – देवगण
27) कुटिया – कुटियाँ
28) मिठाई – मिठाइयाँ
29) चिड़िया – चिड़ियाँ
30) बिटिया – बिटियाँ