These AP 9th Class Hindi Important Questions Sparsh 1st Lesson दुःख का अधिकार will help students prepare well for the exams.
दुःख का अधिकार AP Board 9th Class Hindi Sparsh 1st Lesson Important Questions and Answers
भाग- I Q.No.1-12
1. तत्सम तद्भव
* रेखांकित शब्द का सही तत्सम तद्भव रूप पहचानकर लिखिए।
1. वायु की लहरें चल रही हैं।
(हवा, मेघ, बादल)
उत्तर:
हवा
2. घर में माँ है।
(पेड़, गृह, गाड़ी)
उत्तर:
गृह
3. पेड के नीचे साँप है।
(शेर, पहाड, सर्प)
उत्तर:
सर्प
4. सड़क पर गाडियाँ चलती हैं।
(मार्ग, चाल, साड़ी)
उत्तर:
मार्ग
5. तुम समीप बैठो।
(दूर, सामान, निकट, नज़दीक)
उत्तर:
निकट, नज़दीक
6. ज़मीन तप से जल रही है।
(गर्मी, सर्दी, बर्फ़)
ज. गर्मी
7. आँख से आँसू बहते हैं।
(अश्रु, पानी, वर्षा)
ज. अश्रु
8. पुत्र शोक में डूबे हुए हैं।
(खुशी, गीत, दुःख)
उत्तर:
दुःख
9. यह आम्र है।
(आम, नीम, अनार)
उत्तर:
आम
2. क्रिया विशेषण
* निम्न लिखित वाक्यों में से क्रिया विशेषण शब्द चुनकर लिखिए।
10. अब उससे चला नहीं जाता।
उत्तर:
अब
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11. लड़का तेज़ दौडता है।
उत्तर:
तेज़
12. तुम कैसी बात बता रहे हो?
उत्तर:
कैसी
13. लड़का परसों सुबह शहर जायेगा।
उत्तर:
परसों
14. कैसे तुम बाज़ार जाओगे?
उत्तर:
कैसे
15. मैं खास बात बता रहा हूँ?
उत्तर:
खास
16. तुम पढ़ने के लिए ज़रा समय निकालो।
उत्तर:
ज़रा
17. मैं यहाँ काम करलूँगा।
उत्तर:
यहाँ
18. घर में बहुत आटा है।
उत्तर:
बहुत
19. ये काम क्यों न करे।
उत्तर:
क्यों
3. हिंदी अक्षरों में लिखना
20. 1696 ……….. हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
सोलह सौ छियानवे
21. 1588 ……….. हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
पंद्रह सौ अट्टासी
22. 1874 ……….. हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
अठारह सौ चौहत्तर
23. 1964 ……….. हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
उन्नीस सौ चौसठ
24. 2015 ………..हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
दो हजार पंद्रह / बीस सौ पंद्रह
25. 1695 ……….. हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
सोलह सौ पचानवे
26. 1978………………. हिंदी अक्षरों में लिखिए।
उत्तर:
उन्नीस सौ अडहत्तर
4. कारक चिह्न
* निम्न लिखित वाक्यों में से सही काटक चिह्न पहचानकर लिखिए।
27. हमारी पोशाक हमें झुक सकने ……. रोके रहती है। (का, से, की)
उत्तर:
से
28. कुछ ज़मीन ….. बिक्री ….. रखे जान पड़ते थे। (के लिए, की, पर)
उत्तर:
पर, के लिए
29. स्त्री ….. संबंध ….. बात कर रहे थे। (में, के, ने)
उत्तर:
के, में
30. सामने ….. फुटपाथ ….. खडे थे। (को, के पर)
उत्तर:
के, पर
31. नागदेव ….. पूजा हुई। (में, का, की )
उत्तर:
की
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32. पुत्र वियोग ….. मूर्छा आ जाती थी। (ने, से, को)
उत्तर:
से
33. आज वह बाज़ार ……..सौदा बेचने चली है। (ने, की, में)
उत्तर:
में
5. समास
* वाक्य के आधार पर सही जोडी पहचानकर लिखिए।
34. इनके लिए बेटा बेटी समान है।
बेटा बेटी – द्वंद्व समास
इन के लिए द्विगु समास
उत्तर:
बेटा बेटी द्वंद्व समास
35. धर्म ईमान सब रोटी का टुकड़ा
सब रोटी – तत्पुरुष समास
धर्म ईमान – द्वंद्व समास
उत्तर:
धर्म ईमान – द्वंद्व समास
36. घर में उसकी बहू और पोता-पोती हैं।
उसकी बहू – अव्ययीभाव समास
पोता पोती – द्वंद्व समास
उत्तर:
पोता पोती द्वंद्व समास
37. नागदेव की पूजा हुई।
नागदेव – तत्पुरुष समास
पूजा हुई – कर्मधारय समास
उत्तर:
नागदेव तत्पुरुष समास
38. पूजा के लिए दान दक्षिणा चाहिए।
पूजा के लिए – अव्ययीभाव समास
दान – दक्षिणा – द्वंद्व समास
उत्तर:
दान – दक्षिणा – द्वंद्व समास
39. भगवान परलोक चला गया।
भगवान – द्वंद्व समास
परलोक – बहुव्रीहि समास
उत्तर:
परलोक – बहुव्रीहि समास
40. शहर भर के लोगों के मन उस पुत्र शोक से द्रवित हो उठे थे।
शहर भर – कर्मधारय समास
पुत्र शोक – तत्पुरुष समास
उत्तर:
पुत्र शोक – तत्पुरुष समास
6. संधि विच्छेद
* निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों का संधि विच्छेद कीजिए।
41. उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बाँट देती है।
उत्तर:
विभिन्न
42. मनुष्य का अधिकार और उसका दर्जा निश्चित करती है।
उत्तर:
अधि + कार
43. नागदेव की पूजा हुई।
उत्तर:
नाग + देव
44. एक आदमी दियासलाई की तीली से कान
उत्तर:
दिया + सलाई
45. भगवाना परलोक चला गया।
उत्तर:
पर + लोक
46. वह संभ्रांत महिला पुत्र की मृत्यु हुई।
उत्तर:
सम् + भ्रांत
47. रास्ता नहीं मिलता तो बेचैनी से कदम तेज़ हो जाते हैं।
उत्तर:
बे + चैनी
48. बुढ़िया को दुअन्नी चवन्नी भी कौन उधार देता?
उत्तर:
दो + अन्नी
49. पुत्र – वियोग से मूर्छा आ जाती थी।
उत्तर:
वि + योग
50. बुढ़िया को दुअनी चवन्त्री भी कौन उधार देता?
उत्तर:
चव + अन्नी
7. एक शब्द में लिखना
51. जो शरीर को ढकता है।
उत्तर:
कपडा
52. महसूस करना है।
उत्तर:
एहसास
53. मृत्यु के समय होनेवाला परिवारिक अशौच।
उत्तर:
सूतक
54. सड़क के किनारे चलने का स्थान|
उत्तर:
फुटपात
55. दूसरा लोक
उत्तर:
परलोक
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56. जो चैन न होना।
उत्तर:
बेचैन
57. इलाज करनेवाला (जो इलाज करता है)
उत्तर:
डॉक्टर
8. मुहावरे
* रेखांकित मुहावरों के अर्थ पहचानिए।
58. अपनी दाढी खुजाते हुए कह रहे थे।
(बात करते हैं, सोचते हुए, आते हुए)
उत्तर:
सोचते हुए
59. हज़ार आदमी आते जाते हैं।
(कम भीड़, कुछ नहीं, बहुत भीड़)
उत्तर:
बहुत भीड़
60. वह परलोक चला गया।
(रेल से जाना, मर जाना, जीवन होना)
उत्तर:
मर जाना
61. ठोकरें खाता मैं चला जा रहा था।
(मुसीबतें आना, गिरजाना, बैठ जाना)
उत्तर:
मुसीबतें आना
62. हाय रे पत्थर – दिल
(नरम दिल, कठोर दिल, कोमल दिल)
उत्तर:
कठोर दिल
9. लिंग बदलिए
* लिंग बदलकर वाक्य फिर से लिखिए।
63. स्त्री बाज़ार जाती है।
उत्तर:
पुरुष बाज़ार जाता है।
64. बेचनेवाली दुकान पर बैठी है।
उत्तर:
बेचनेवाला दुकान पर बैठा है।
65. लडका स्वयं सौदे के पास बैठ जाता है।
उत्तर:
लडकी स्वयं सौदे के पास बैठ जाती है।
66. साहब घर में है।
उत्तर:
साहिबा घर में है।
67. आदमी काम करता है।
उत्तर:
औरत काम करती
68. साँप जंगल में जाता है।
उत्तर:
सॉपिन जंगल में जाती है।
69. बुढ़िया खरबूज़े बेचने का साहस करके आई थी।
उत्तर:
बूढा खरबूजे बेचने का साहस करके आया था।
10. वचन बदलिए
* वचन बदलकर वाक्य फिर से लिखिए।
70. मैं चले जा रहा था।
उत्तर:
हम चले जा रहे थे।
71. सौदा लाता है।
उत्तर:
सौदे लाते हैं।
72. वह रोटी खाता है।
उत्तर:
वे रोटी खाते हैं।
73. बाजार से खरबूजा लाता है।
उत्तर:
बाज़ार से खरबूजे लाते हैं।
74. जवान लडका था।
उत्तर:
जवान लडके थे।
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75. सुबह उठता है।
उत्तर:
सुबह उठते हैं।
11. काल बदलिए
* सूचना के अनुसार काल बदलकर लिखिए।
76. अड़चन बन जाती है। (इस वाक्य को भूतकाल में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
अडचन बन जाती थी।
77. स्त्री के संबंध में बात कर रहे थे। (इस वाक्य को वर्तमान काल में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
स्त्री के संबंध में बात कर रहे हैं।
78. मैं चला जा रहा था। (इस वाक्य को वर्तमान काल में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
मैं चला जा रहा हूँ।
79. सिर पर बरफ रखी जाती थी। (इस वाक्य को भविष्यत काल में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
सिर पर बरफ़ रखी जायेगी।
80. एक अधिकार होता है। (इस वाक्य को भूतकाल में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
एक अधिकार होता था।
81. तवे की तरह तप रहा था।(इस वाक्य को वर्तमान काल में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
तवे की तरह तप रहा है।
12. शुद्ध रूप में लिखना
* वाक्यों को शुद्ध रूप में लिखिए।
82. मैं खरबूजा खाता है।
उत्तर:
मैं खरबूजा खाता हूँ।
83. लड़का ने पत्र लिखा।
उत्तर:
लड़के ने पत्र लिखा।
84. मैं मेरा काम करता हूँ।
उत्तर:
मैं अपना काम करता हूँ।
85. मुझे बीस रुपया चाहिए।
उत्तर:
मुझे बीस रुपये चाहिए।
86. हम मंदिर जाता है।
उत्तर:
हम मंदिर जाते हैं।
87. बच्चों पे गुस्सा न करो।
उत्तर:
बच्चों पे गुस्सा मत करो।
88. अध्यापक जी पढा रहा है।
उत्तर:
अध्यापक जी पढ़ा रहे हैं।.
89. तुम सब से सुंदर है।
उत्तर:
तुम सब से सुंदर हो।
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90. आप खाना खाओगे।
उत्तर:
आप खाना खाइये।
भाग- II Q.No. 13-16
Q.No. 13
पठित गद्यांश
* निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए।
1. पास पड़ोस की दुकानों से पूछने पर पता लगा उसका तेईस बरस का जवान लड़का था। घर में उसकी बहू और पोता – पोती हैं। लड़का शहर के पास डेढ बीघा भर ज़मीन में कछियारी करके परिवार का निर्वाह करता था। खरबूजों की डलिया बाज़ार में पहुँचाकर कभी लड़का स्वयं सौदे के पास बैठ जाता, तभी माँ बैठ जाती।
प्रश्न:
अ) पास पड़ोस की दुकानों से पूछने पर क्या पता लगा?
उत्तर:
उसका तेईस बरस का जवान लडका था।
आ) घर में उसके कौन कौन हैं?
उत्तर:
बहू पोता, पोती हैं।
इ) लड़का शहर में क्या करके परिवार का निर्वाह करता था?
उत्तर:
शहर के पास डेढ़ बीघा भर ज़मीन में कछियारी करके परिवार का निर्वाह करता था।
ई) दूर शब्द का विलोम शब्द पहचानिए।
उत्तर:
पास
उ) गाँव शब्द का विलोम शब्द पहचानिए।
उत्तर:
शहर
2. लड़का परसों सुबह मुह – अँधेरे बोलो में से पके खरबूज़े चुन रहा था। गीली मेड की तरावट में। विश्राम करते हुए एक साँप पर लड़के का पैर पड़ गया। साँप ने लड़के को डँस लिया।
प्रश्न:
अ) कौन पके खरबूज़े चुन रहा था?
उत्तर:
लड़का
आ) लडके का पैर किस पर पड गया?
उत्तर:
साँप पर
इ) गीली मेड की तरावट में कौन विश्राम कर रहा था?
उत्तर:
एक साँप
ई) सांप शब्द का लिंग पहचानिए।
उत्तर:
सांपिन
उ) शाम शब्द का विलोम शब्द पहचानिए।
उत्तर:
सुबह
3. ज़िंदा आदमी नंगा भी रह सकता है, परंतु मुर्दे को नंगा कैसे विदा किया जाए? उसके लिए तो| बजाज की दुकान से नया कपड़ा लाना ही होगा, चाहे उसके लिए माँ के हाथों के छन्नी – ककना ही क्यों न बिक जाएँ।
प्रश्न:
अ) कौन सा आदमी नंगा रह सकता है?
उत्तर:
जिंदा आदमी
आ) मुर्दे को किस कपडे में लपेटा जाता है?
उत्तर:
नया कपडा
इ) कपडे शब्द का एक वचन शब्द पहचानिए।
उत्तर:
कपडा
ई) बाप शब्द का लिंग पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
माँ
उ) दुकानें शब्द का एक वचन शब्द लिखिए।
उत्तर:
दुकान
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4. भगवाना परलोक चला गया। घर में जो कुछ चूनी भूसी थी सो उसे विदा करने में चली गई। बाप नहीं रहा तो क्या, लड़कें सुबह उठते ही भूख से बिलबिलाने लगे। दादी ने उन्हें खाने के लिए खरबूजे दे दिए। लेकिन बहू को क्या देती ? बहू का बदन बुखार से तवे की तरह तप रहा था। अब आटे के बिना बुढ़िया को दुअनी चवन्नी भी कौन उधार देता?
प्रश्न:
अ) भगवाना कहाँ चला गया?
उत्तर:
भगवान परलोक चला गया।
आ) लड़के सुबह उठते ही किससे बिलबिलाने लगे?
उत्तर:
भूख से
इ) ज्वर का समानार्थी शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
बुखार
ई) शाम शब्द का विलोम शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
सुबह
उ) इस गद्यांश के लेखक का नाम क्या है?
उत्तर:
यशपाल जी
5. बुढ़िया रोते-रोते और आँखें पोंछते – पोंछते भगवाना के बटोरे हुए खरबूज़े डलिया में समेटकर बाजार की ओर चली और चारा भी क्या था?
बुढ़िया खरबूज़े बेचने का साहस करके आई थी, परंतु सिर पर चादर लपेटे, सिर को घुटनों पर टिकाए हुए फफक फफककर रो रही थी।
कल जिसका बेटा चल बसा, आज वह बाज़ार में सौदा बेचने चली है, हाय रे पत्थर – दिलं
प्रश्न:
अ) बुढ़िया क्या बेचने का साहस करके आई थी?
उत्तर:
खरबूजे
आ) आज वह बाज़ार में सौदा बेचने चली है। इस वाक्य में संज्ञा शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
बाज़ार
इ) कुल जिसका बेटा चल बसा। इस वाक्य में रेखांकित शब्द का लिंग पहचानिए।
उत्तर:
बेटी
ई) आज का विलोम शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
कुल
उ) वह बाज़ार में सौदा बेचने चली है। (इस वाक्य में सर्वनाम शब्द पहचानकर लिखिए।)
उत्तर:
वह
6. उस पुत्र – वियोगिनी के दुःख का अंदाज़ा लगाने के लिए पिछले साल अपने पड़ोस में पुत्र की मृत्यु से दुःखी माता की बात सोचने लगा। वह संभ्रांत महिला पुत्र की मृत्यु के बाद अढ़ाई मास तक पलंग से उठ न सकी थी। उन्हें पंद्रह पंद्रह मिनट बाद पुत्र – वियोग से मूर्छा आ जाती थी और मूर्छा न आने की अवस्था में आँखों से आँसू न रुक सकते थे। दो – दो डॉक्टर हर दम सिरहाने बैठे रहतें थे। हर दम ( सिर पर बरफ रखी जाती थी। शहर भर के लोगों के मन उस पुत्र शोक से द्रवित हो उठे थे।
प्रश्न:
अ) उस पुत्र वियोगिनी क्या सोचने लगी?
उत्तर:
दुःख का अंदाज़ा लगाने के लिए अपने पड़ोस में पुत्र की मृत्यु से दुःखी माता की बात सोचने लगी।
आ) किसके वियोग में मूर्छा आ जाती थी?
उत्तर:
पुत्र वियोग
इ) कितने मास तक पलंग से उठ न सकी थी?
उत्तर:
अढ़ाई मास तक
ई) जन्म का विलोम शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
मृत्यु
उ) महिला शब्द का वचन बदलकर लिखिए।
उत्तर:
महिलाएँ
7. जब मन को सूझ का रास्ता नहीं मिलता तो बेचैनी से क़दम तेज़ हो जाते हैं। उसी हालत में नाक ऊपर उठाए, राह चलतों से ठोकरें खाता मैं चला जा रहा था। सोच रहा था शोक करने, गत मनाने के लिए भी सहूलियत चाहिए और और ….. दुःखी होने का भी एक अधिकार होता है।
प्रश्न:
अ) मन को सूझ का रास्ता नहीं मिलता तो क्या तेज़ हो जाते हैं?
उत्तर:
बेचैनी से कदम तेज़ हो जाते हैं।
आ) राहे शब्द का एक वचन शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
राह
इ) ई प्रत्यय से जुडा शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
बेचैनी
ई) दुःखी शब्द का विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर:
सुखी
उ) उसी हालत में नाक ऊपर उठाए। इस वाक्य में संज्ञा शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
नाक
Q.No.15
पठित गद्यांश
* निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए।
1. भगवाना परलोक चला गया। घर में जो कुछ चूनी भूसी थी सो उसे विदा करने में चली गई। बाप नहीं रहा तो क्या, लड़के सुबह उठते ही भूख से बिलबिलाने लगे। दादी ने उन्हें खाने के लिए खरबूजे दिए लेकिन बहू को क्यों देती ? बहू का बदन बुखार से तवे की तरह तप रहा था। अब बेट के बिना बुढ़िया को दुआन्नी – चवन्नी भी कौन उधार देता।
प्रश्न:
अ) भगवान कहाँ चला गया?
उत्तर:
भगवान परलोक चला गया।
आ) लडके उठते ही किससे बिलबिलाने लगे?
उत्तर:
लड़के उठते ही भूख से बिलबिलाने लगे।
इ) दादी ने बच्चों को खाने के लिए क्या दिया?
उत्तर:
दादी ने बच्चों को खाने के लिए खरबूजे दे दिए।
ई) ज्वर से कौन पीडित है?
उत्तर:
ज्वर से बहू पीडित है।
उ) सारे पैसे किसे विदा करने में खर्च होगा?
उत्तर:
सारे पैसे भगवाना को विदा करने में खर्च हो गए।
2. लड़के की बुढ़िया माँ बाबली होकर ओझा को बुला लाई| झाडना – फूँकना हुआ। नागदेव की पूजा हुई। पुजा के लिए दान – दक्षिणा चाहिए। घर में जो कुछ आटा और अनाज था, दान-दक्षिणा में उठ गया। माँ, बहू और बच्चे ‘भगवाना’ से लिपट – लिपटकर रोए, पर भगवान जो एक दफ़े चुप हुआ तो फिर न बोला। सर्प के विष से उसका सब बदन काला पड़ गया था।
प्रश्न:
अ) लडके की बूढी माँ किसे बुला लाई?
उत्तर:
लडके की बूढी माँ ओझा को बुला लाई।
आ) पूजा किसकी हुई?
उत्तर:
पूजा नागदेव की हुई।
इ) पूजा के लिए क्या – क्या चाहिए?
उत्तर:
पूजा के लिए दान दक्षिणा चाहिए।
ई) बच्चे किसे लिपटकर रोए?
उत्तर:
बच्चे भगवाना से लिपटकर रोए।
उ) बदन काला क्यों पड़ गया था?
उत्तर:
सर्प विष से बदन काला पड गया था।
Q.No.16
पठित गद्यांश
* निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर उत्तर अनुच्छेद में से ही पहचानकर लिखिए।
1. मनुष्यों की पोशाकें उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बाँट देती हैं। प्रायः पोशाक ही समाज में मनुष्य का अधिकार और उसका दर्जा निश्चित करती है। वह हमारे लिए अनेक बंद दरवाज़े खोल देती है, परंतु कभी ऐसी भी परिस्थिति आ जाती है कि हम ज़रा नीचे झुककर समाज की निचली श्रेणियों की। अनुभूति को समझना चाहते हैं। उस समय यह पोशाक ही बंधन और अड़चन बन जाती है। जैसे वायु की लहरें कटी हुई पतंग को सहसा भूमि पर नहीं गिर जाने देतीं, उसी तरह खास परिस्थितियों में हमारी पोशाक हमें झुक सकने से रोके रहती है।
प्रश्न:
अ) मनुष्य की पोशाकें उन्हें किन श्रेणियों में बाँट देती है? (B)
A) अधूरे
B) विभिन्न
C) समाज
D) समय
उत्तर:
B) विभिन्न
आ) वह हमारे लिए कितने बंद दरवाज़े खोल देती है? (A)
A) अनेक
B) दो
C) दस
D) एक
उत्तर:
A) अनेक
इ) किन श्रेणियों की अनुभूति को समझना चाहते हैं? (A)
A) निचली
B) ऊपर
C) आगे
D) पीछे
उत्तर:
A) निचली
ई) यह अनुच्छेद किस पाठ से दिया गया है? (A)
A) दुःख का अधिकार
B) तुम कब जाओगे अतिथि
C) मेरी शिखर यात्रा
D) शुक्रतारे के समान
उत्तर:
A) दुःख का अधिकार
उ) इस गद्यांश के लेखक का नाम क्या है? (A)
A) यशपाल
B) शरद जोशी
C) बचेंद्री पाल
D) धीरंजन मालवे
उत्तर:
A) यशपाल
2. बाज़ार में, फुटपाथ पर कुछ खरबूज़े डलिया में और कुछ ज़मीन पर बिक्री के लिए रखे जान पड़ते थे। खरबूज़ों के समीप एक अधेड़ उम्र की औरत बैठी रो रही थी। खरबूज़े बिक्री के लिए थे, परंतु उन्हें। खरीदने के लिए कोई कैसे आगे बढ़ता? खरबूज़ों को बेचनेवाली तो कपड़े से मुँह छिपाए सिर को| घुटनों पर रखे फफक-फफककर रो रही थी।
प्रश्न:
अ) खरबूज़ों के समीप एक किस उम्र की औरत बैठी रो रही थी? (A)
A) अधेड़
B) जवान
C) कम उम्र
D) ज्यादा उम्र
उत्तर:
A) अधेड़
आ) बेचनेवाली शब्द का पुल्लिंग शब्द पहचानिए। (B)
A) देनेवाली
B) बेचनेवाला
C) देनेवाला
D) कुछ नहीं
उत्तर:
B) बेचनेवाला
इ) “मुँह” शब्द का अर्थ पहचानिए। (C)
A) कान
B) नाक
C) चेहरा
D) बाल
उत्तर:
C) चेहरा
ई) ज़मीन शब्द का विलोम शब्द क्या है? (A)
A) आसमान
B) पानी
C) आग
D) तारे
उत्तर:
A) आसमान
उ) इस गद्यांश के लेखक का नाम क्या है? (D)
A) बचेंद्री पाल
B) शरद जोशी
C) धीरंजन मालवे
D) यशपाल
उत्तर:
D) यशपाल
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3. पड़ोस की दुकानों के तख्तों पर बैठे या बाज़ार में खड़े लोग घृणा से उसी स्त्री के संबंध में बात कर रहे थे। उस स्त्री का रोना देखकर मन में एक व्यथा सी उठी, पर उसके रोने का कारण जानने का उपाय क्या था? फुटपाथ पर उसके समीप बैठ सकने में मेरी पोशाक ही व्यवधान बन खड़ी हो गई।
प्रश्न :
अ) किसके संबंध में बात कर रहे थे? (B)
A) जानवर के
B) स्त्री के
C) पानी के
D) पेड के
उत्तर:
B) स्त्री के
आ) घृणा शब्द का अर्थ पहचानिए। (B)
A) संतोष
B) द्वेष
C) दुःख
D) शक्ति
उत्तर:
B) द्वेष
इ) “स्त्री” शब्द का बहुवचन शब्द पहचानिए| (A)
A) स्त्रियाँ
B) औरत
C) लड़की
D) बेटी
उत्तर:
A) स्त्रियाँ
ई) “एक” शब्द का विलोम शब्द पहचानिए। (A)
A) अनेक
B) दो
C) दस
D) चार
उत्तर:
A) अनेक
उ) यह अनुच्छेद किस पाठ से दिया गया है? (A)
A) दुःख का अधिकार
B) तुम कब जाओगे, अतिथि
C) मेरी शिखर यात्रा
D) शुक्रतारे के समान
उत्तर:
A) दुःख का अधिकार
4. एक आदमी ने घृणा से एक तरफ़ थूकते हुए कहा, “क्या ज़माना है! जवान लड़के को मरे पूरा| दिन नहीं बीता और यह बेहया दुकान लगा के बैठी है।”
दूसरे साहब अपनी दादी खुजाते हुए कह रहे थे, “अरे! जैसी नीयत होती है अल्लाह भी वैसी ही बरकत देता है”।
प्रश्न:
अ) एक आदमी ने घृणा से एक तरफ़ क्या करते हुए कहा? (A)
A) थूकते
B) पानी
C) बोलते
D) खाते
उत्तर:
A) थूकते
आ) जवान शब्द का विलोम शब्द पहचानिए। (A)
A) बूढ़ा
B) बचपन
C) आदमी
D) औरत
उत्तर:
A) बूढ़ा
इ) “साहब ” शब्द का लिंग पहचानिए। (A)
A) साहिबा
B) सहिब
C) साहबे
D) साहबी
उत्तर:
A) साहिबा
ई) “लड़के ” शब्द का एक वचन पहचानिए। (C)
A) लड़की
B) लडकियाँ
C) लडका
D) लडकपन
उत्तर:
C) लडका
उ) इस अनुच्छेद के लेखक कौन (D)
A) शरद जोशी
B) बचेंद्री पाल
C) धीरंजन मालवे
D) यशपाल
उत्तर:
D) यशपाल
5. सामने के फुटपाथ पर खडे एक आदमी ने दिया सलाई की तीली से कान खुजाते हुए कहा “अरे, इन लोगों का क्या है? ये कमीने लोग रोटी के टुकटे पर जान देते हैं। इनके लिए बेटा – बेटी खसम – लुगाई, धर्म ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।
प्रश्न:
अ) सामने के फुटपाथ पर कौन खडा था? (A)
A) एक आदमी
B) एक औरत
C) एक लडका
D) एक लडकी
उत्तर:
A) एक आदमी
आ) रोटी के टुकडे पर क्या देते हैं? (D)
A) मान
B) नाम
C) काम
D) जान
उत्तर:
D) जान
इ) कमीने शब्द का एकवचन शब्द पहचानिए। (B)
A) कमिन
B) कमीना
C) कमिनू
D) कमी
उत्तर:
B) कमीना
ई) बेटा बेटी समास पहचानिए। (C)
A) कर्मधारय समास
B) तत्पुरुष समास
C) द्वंद्व समास
D) बहुव्रीहि समास
उत्तर:
C) द्वंद्व समास
उ) रोटी शब्द का बहुवचन शब्द पहचानिए। (C)
A) रोटों
B) रोटी
C) रोटियाँ
D) रोटीयाँ
उत्तर:
C) रोटियाँ
भाग- III Q.No.17-18
Q.No. 18
लेखक परिचय
* निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार पंक्तियों में लिखिए।
प्रश्न 1.
यशपाल जी के बारे में आप क्या जानते हैं?
(या)
यशपाल जी के क्रांतिकारी गतिविधियों के बारे में आप क्या जानते हैं?
(या)
लेखक यशपाल जी के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
यशपाल का जन्म फिरोज़पुर छावनी में सन् 1903 में हुआ। इन्होंने आरंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में और उच्च शिक्षा लाहौर में पाई। यशपाल जी विद्यार्थी काल से ही क्रांतिकारी गतिविधियों में जुट गए थे। अमर शहीद भगतसिंह आदि के साथ मिलकर इन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। यशपाल की प्रमुख कृतियाँ हैं : देशद्रोही, पार्टी कामरेड, दादा कामरेड, झूठा सच तथा, मेरी – तेरी .उसकी बात (सभी उपन्यास) ज्ञानदान, तर्क का तूफान, पिंजडे की उडान, फूलों का कुर्ता, उत्तराधिकारी (सभी कहानी संग्रह) और सिंहावलोकन (आत्मकथा)। ” मेरी, तेरी उसकी बात” पर यशपाल को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। यशपाल जी की मृत्यु सन् 1976 ई में हुई।
भाग- IV Q.No.19-26
Q.No.21-23
* निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में लिखिए।
प्रश्न 1.
पोशाकों के कारण होनेवाली असुविधा पर लिखिए।
उत्तर:
दिखावे की पोशाकों से हमें धोखा खाना पडता है। पोशाकों से व्यक्ति के व्यक्तित्व का पता नहीं चलता। नेकनीयता, सहृदयता, ईमानदारी, परोपकार आदि गुण कीमती पोशाकों के कारण व्यक्त नहीं होते। अच्छे गुणों का रिश्ता सादगी से ही होता है। समाज के गरीब वर्ग की अनुभूति जानने के लिए ये पोशाक अडचन बन जाती है। सहानुभूति दिखाते समय कीमती पोशाक से असुविधा होती है।
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प्रश्न 2.
पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अडचन बन जाती है?
उत्तर:
पोशाक हमारे लिए तब बंधन और अड़चन बन जाती है जब समाज की निचली श्रेणियों की अनुभूतियों को समझने और उनके सुख दुखों को बाँटने में हमारा सम्मान कम होने लगता है अथवा कम होने की संभावना होती है।
प्रश्न 3.
उस स्त्री को देखकर लेखक को कैसा लगा?
उत्तर:
उस स्त्री को फुटपाथ पर रोता देखकर लेखक के मन में व्यथा उठी। वह उसके दुःख को जानने के लिए – बेचैन हो उठा।
प्रश्न 4.
उस स्त्री के लडके की मृत्यु का क्या कारण था?
उत्तर:
उस स्त्री के बेटे की मृत्यु का कारण एक सॉप का डसना था। जब उस स्त्री का बेटा खरबूजे के खेत में बने हुए मेड़ पर खरबूज़े चुन रहा था। तभी किसी विषधर साँप ने उसे डस लिया था।
प्रश्न 5.
बुढ़िया को कोई भी उधार क्यों नहीं देता?
उत्तर:
उस स्त्री को उधार देने वाला व्यक्ति कोई भी नहीं था। क्योंकि उसके घर में कोई भी कमाने वाला अब नहीं रह गया था।
प्रश्न 6.
लेखक उस स्त्री के रोने का कारण क्यों नहीं जान पाया?
उत्तर:
लेखक एक अच्छी पोशाक पहने हुए थे, जिससे समाज में बनाई अपनी प्रतिष्ठा के बिगड जाने का डर था। इसलिए उस गरीब और उपेक्षित स्त्री से चाहते हुए भी उसके रोने के कारण नहीं पूछ ‘पाये।
प्रश्न 7.
भगवाना अपने परिवार का निर्वाह कैसे करता था?
उत्तर:
भगवाना शहर के पास डेढ़ बीघे ज़मीन पर साग सब्जी और फल उगाता था। उसी की बिक्री से वह अपने परिवार का भरण पोषण करता था।
प्रश्न 8.
समाज में पोशाकों के महत्व के बारे में लिखिए।
उत्तर:
हमारे समाज में पोशाकों का बडा महत्वपूर्ण स्थान है। पोशाक के कारण ही हमें उन्नत समाज में प्रवेश मिलता है। पोशाक उन्नत समाज का प्रवेश पत्र (entry card) है। अपनी संपन्नता दिखाने के लिए धनवान लोग कीमती पोशाक पहनते हैं। पोशाक के कारण बंद दरवाज़े भी खुलते हैं। स्त्री – पुरुष दोनों में इसका बराबर आदर मिल रहा है। परिणाम यह हुआ कि पोशाक देखकर हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि कौन अमीर है और कौन गरीब?
प्रश्न 9.
दुःख का अधिकार क्या है? और वह क्यों चाहिए?
उत्तर:
समाज के सब लोग सुख का अधिकार चाहते हैं। किसी भी भावना को स्वेच्छा से पाने को ही अधिकार कह सकते हैं। संपन्न लोगों को सुख मनाने का अधिकार होता है। क्योंकि उनके पास आवश्यक धन हैं जो चीज़ चाहते हैं, उसे पा सकते हैं। लेकिन गरीब वर्ग को सुख मनाने का अधिकार नहीं है। क्योंकि वे निर्धन हैं। अतः उनको दुःख ही दुःख मिलता है। परिस्थितियों के कारण उनको दुःख मनाने का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है। यही विडंबना है।
प्रश्न 10.
समाज के लोगों में सहानुभूति की भावना क्यों नहीं रह पाती?
उत्तर:
अत्यधिक स्वार्थ के कारण सहानुभूति की भावना मिट जा रही है। हर आदमी अपने स्वार्थ के बारे में ही सोच रहा है। अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए दूसरों को हानि पहुँचाने के लिए भी तैयार हो रहा है। इस यंत्र – युग में आदमी भी एंक यंत्र बन रहा है। मानवीय भावनाएँ उससे दूर हो रही हैं। अपने व्यापार के बारे में सोचने के लिए ही समय नहीं मिल रहा है। परोपकार के लिए उसके पास समय नहीं है।
प्रश्न 11.
खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री से कोई खरबूजे क्यों नहीं खरीद रहा था?
उत्तर:
खरबूज़े बेचनेवाली अपने पुत्र की मौत का एक दिन बीते बिना खरबूज़े बेचने आई थी। सूतक वाले घर के खरबूज़े खाने से लोगों का अपना धर्म भ्रष्ट होने का भय सता रहा था। इसलिए उससे कोई खरबूजे नहीं खरीद रहा था।
प्रश्न 12.
लड़के की मृत्यु के दूसरे ही दिन बुढ़िया खरबूज़े बेचने क्यों चल पडी?
उत्तर:
लड़के की मृत्यु के दूसरे ही दिन वो बूढ़ी स्त्री इसलिए खरबूज़े बेचने के लिए बाहर निकल पड़ी। क्योंकि पुत्र की अंतिम – क्रिया में घर में बचे हुए पैसे और सारा राशन खर्च हो गया था। अब सामने रोजी- रोटी का बड़ा संकट था। उसकी बहू बुखार से पूरी तरह तप रही थी और बुढ़िया को अपने पोते – पोतियों के लिए भोजन जुटाना भी ज़रूरी था।
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प्रश्न 13.
बाज़ार के लोग खरबूज़े बेचने वाली स्त्री के बारे में क्या क्या कह रहे थे? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
बाज़ार के लोग खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री के प्रति अपनी घृणा प्रकट की। वे उसे बेहया, कमीनी और बदनीयत कहते हैं और साथ ही कभी बरकत न करने वाली स्त्री कहकर धिक्कारने लगे। उन्होंने उसे एक ऐसी स्त्री कहा जो रोटी के एक टुकडे के लिए अपने बेटा- बेटी, खसम – लुगाई के संबंध और धर्म – मा तक को भुला दे। सूतक होने पर भी धोखे से खरबूज़े बेचकर लोगों का धर्म – ईमान बिगाडकर अंधेरा करने वाली स्त्री कहकर उसकी उपेक्षा की।
प्रश्न 14.
पास पडोस की दुकानों से पूछने पर लेखक को क्या पता चला?
उत्तर:
पास-पडोस की दुकानों से पूछने पर लेखक को यही पता चला कि साँप के काटने से एक दिन पहले बुढ़िया के इकलौते जवान बेटे की मृत्यु हो गई। वह कछियारी करके अपने माँ के साथ बाज़ार में फल व सब्जी बेचता था। काफी झाड फूँक करने के बाद भी वह बच न सका। उनकी मृत्यु के अगले दिन, बच्चे भूख सेमर रहें थे और बहू बुखार से तड़प रही थी। जब किसी व्यक्ति ने बुढ़िया को पैसे उधार नहीं दिए तो पुत्र की मृत्यु के शोक को हृदय में दबाए बुढ़िया पुत्र के द्वारा ही तोडे गए खरबूजों को बेचने के लिए बाज़ार में आई थी।
प्रश्न 15.
लडके को बचाने के लिए बुढ़िया माँ ने क्या- क्या उपाय किए?
उत्तर:
लडके को बचाने के लिए बूढ़ी माँ ने झाड़-फूँक करवाई, नागदेव की पूजा की ओर साथ ही घर का सारा आटा – अनाज, दान दक्षिणा में दे दिया। उसने बच्चों और बहू तक के बारे में भी न सोचकर यथासंभव अपने बेटे को बचाने के सब उपाय किए।
प्रश्न 16.
लेखक ने बुढ़िया के दुःख का अंदाज़ा कैसे लगाया?
उत्तर:
लेखक को बुढिया के दुख का अंदाज़ा उसके पडोस में रहनेवाली एक संभ्रांत महिला के पुत्र के शोक से हुआ। लगातार ढाई महीने तक दो डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद भी वह महिला हर पंद्रह मिनट में मूर्छित हो जाती थी। वह बिस्तर से उठ नहीं पाती थी और लगातार, आँसू बहाती रहती थी। पुत्र के निधन का दुःख अर्थ भेद के आधार पर कम ज़्यादा नहीं होता। परंतु समाज ने निर्धन बुढिया को शोक मनाने का भी अधिकार न दिया था।
प्रश्न 17.
इस पाठ का शीर्षक “दुःख का अधिकार” कहाँ तक सार्थक है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इस पाठ का शीर्षक “दुख का अधिकार” पूरी तरह से सार्थक है। क्योंकि प्रत्येक मनुष्य को अनेक प्रकार के अधिकार प्राप्त हैं, तो दुख का अधिकार भी उसे प्राप्त होना चाहिए। इस पाठ में बुढ़िया को अपने पुत्र के शोक में रोने – धोने का अवसर नहीं मिल पाता है। लेखक इसे दुख के अधिकार का हनन मानते हैं। इस दुख के अधिकार का हनन हमारे सामाजिक ढाँचे की विसंगति के कारण हुआ है।
भाग – V Q.No.27-28
Q.No.28
* निम्नलिखित निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर सूचना के अनुसार लिखिए।
प्रश्न 1.
‘दुःख का अधिकार’ पाठ में किन कुरीतियों के बारे में बताया गया है?
उत्तर:
किसी के मरने पर तेरह दिन तक सूतक होता है। उसके घरवालों को काम नहीं करना चाहिए। उनके हाथों से वस्तु (चीज़) भी नहीं खरीदनी चाहिए। उन्हें छूना भी मना है। ऐसा करने से धर्म नष्ट हो जाता है। यह एक कुरीति है।
ओझा को बुलाकर झाड़ फूँक करवाना कुरीति है। इसके नाम पर ओझा को दान-दक्षिणा दी जाती है। अपनी आर्थिक स्थिति अच्छी न होने पर भी दान दक्षिणा करवाई जाती है।
हाथों के छन्नी – ककनी बेचकर मुर्दे के लिए कफ़न खरीदना – यह एक कुरीति है।
लाचार और मजबूर लोगों की वास्तविकता जानकर भी उन्हें नीच, कुसंस्कारी और व्यंग्य बातें सुनाना भी एक कुरीति है।
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प्रश्न 2.
दुःख का अधिकार पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
लेखक परिचय : यशपाल का जन्म फिरोज़पुर छावनी में सन् 1903 में हुआ। इन्होंने आरंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में और उच्च शिक्षा लाहौर में पाई। यशपाल जी विद्यार्थी काल से ही क्रांतिकारी गतिविधियों मैं जुट गए थे। अमर शहीद भगतसिंह आदि के साथ मिलकर इन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया।
यशपाल की प्रमुख कृतियाँ हैं : देशद्रोही, पार्टी कामरेड, दादा कामरेड, झूठा सच तथा, मेरी – तेरी – उसकी बात (सभी उपन्यास), ज्ञानदान, तर्क का तूफान, पिंजडे की उडान, फूलों का कुर्ता, उत्तराधिकारी (सभी कहानी संग्रह) और सिंहावलोकन (आत्मकथा)। “मेरी तेरी, उसकी बात” पर यशपाल को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। यशपाल जी की मृत्यु सन् 1976 ई में हुई।
सारांश : इस कहानी का प्रमुख पात्र एक तेईस साल का युवक है जिसका नाम भगवाना है। उसके पास डेढ़ बीघा ज़मीन है और वह उस ज़मीन में सब्जियाँ उगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। वह जब तक जीवित था, अपने परिवार के सभी सदस्यों को (जिनमें उसकी माँ, पत्नी और बच्चे हैं) कमाकर खिलाता था। एक दिन भगवाना अपने ख़रबूज़े के खेत में इधर उधर घूम रहा था। खरबूजे जहाँ रखे हुए थे, वहाँ पर तरावट थी। संयोग से उस समय उसका पैर साँप पर पड़ गया और साँप ने उसे डस लिया। उसकी माँ ने अपने बेटे को बचाने के लिए झाड़-फूंक, ओझा, नागदेव की पूजा कराई लेकिन भगवाना नहीं बचा।
उसकी अंतिम क्रिया करम के लिए घर में बचा हुआ सारा पैसा और सारा अनाज लग गया। दूसरे दिन सुबह भूखे बच्चों की खरबूज़े खिलाई और बुखार से तपती बहू के लिए भोजन जुटाने के लिए वह बाज़ार में ख़रबूज़े लेकर बेचने के लिए बैठ गई। सूतक में भी उस अधेड उम्र की औरत को ख़रबूज़े बेचते हुए देखकर लोग उस गरीब बुढ़िया को ताने देने लगे। लोग उसकी इस विवशता पर विचार किए बिना ही उसे बेहया और निष्ठुर करने लगे।
लेखक कहानी के उत्तरार्ध में पड़ोस की एक धनी महिला पुत्र के शोक की चर्चा करते हुए कहते हैं किं वह ढाई महीने तक डॉक्टरों की देख रेख में रहने पर भी हर पंद्रह मिनट में बेहोश होकर गिर जाती थी। लोग उसके प्रति सहृदयता से भर उठे थे। शोक की प्रकृति में वर्ग भेद नहीं होता। इस सत्य से परिचित होकर भी लोगों ने मात्र वर्ग भेद के आधार पर उस गरीब बुढ़िया के दुख को किसी ने नहीं समझा।
Some More Practice Questions
- दुःख का अधिकार पाठ के आधार पर बताइए बुढ़िया के बेटे का नाम क्या था?
- खरबूज़े बेचने आई महिला फफक फफक कर क्यों रोए जा रही थी? दुःख का अधिकार पाठ के आधार पर बताइए।
- लेखक ने बुढिया के दुःख का कारण किस प्रकार पता लगाया? दुःख का अधिकार पाठ के आधार पर बताइए।
- किस आधार पर हमारे समाज में व्यक्ति का स्तर निर्धारित किया जाता है? दुःख का अधिकार पाठ के आधार पर बताइए।
- भगवान के इलाज और उसकी मृत्यु के बाद घर की आर्थिक स्थिति पर क्या प्रभाव पडा?
- भगवान अपने परिवार का निर्वाह कैसे करता था?
- इस पाठ का शीर्षक दुःख का अधिकार कहाँ तक सार्थक है? स्पष्ट कीजिए।